मौत के मुंह से बचा घायल सांप, भगत सिंह रेस्क्यू टीम के संस्थापक राजिंदर आलसिखा के प्रयास से मिला नया जीवन
श्रीगंगानगर। भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्रीगंगानगर के संस्थापक राजिंदर आलसिखा को नाथावाली क्षेत्र से सूचना मिली कि एक सांप गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है और उसे तत्काल रेस्क्यू की आवश्यकता है।
सूचना मिलते ही भगत सिंह रेस्क्यू टीम के संस्थापक राजिंदर आलसिखा मौके पर पहुंचे और घायल सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद जब सांप की स्थिति देखी गई तो उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं। सांप के अंदरूनी अंग भी बाहर आ गए थे, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।
सांप की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि उसके बचने की संभावना बेहद कम, लगभग एक प्रतिशत थी। इसके बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और घायल सांप को तुरंत वेटरनरी अस्पताल, श्रीगंगानगर पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार कराया गया।
इलाज के बाद राजिंदर आलसिखा ने सांप की लगातार दो से तीन घंटे तक निगरानी की। उपचार और देखभाल के बाद उसकी हालत में सुधार देखने को मिला। सांप के स्वस्थ होने पर उसे सुरक्षित प्राकृतिक स्थान पर वापस छोड़ दिया गया।
इस रेस्क्यू ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर मदद और सही उपचार मिलने से गंभीर रूप से घायल बेजुबान जीवों की जान भी बचाई जा सकती है। भगत सिंह रेस्क्यू टीम श्रीगंगानगर लगातार बेजुबान जानवरों और वन्यजीवों के रेस्क्यू एवं संरक्षण के लिए कार्य कर रही है।



